SBI, PNB समेत इन 3 बैंकों ने बदले अपने नियम? बैंक खाताधारकों के लिए जरूरी अपडेट! PNB, SBI, BOB Bank New Rules

PNB, SBI, BOB Bank New Rules

PNB, SBI, BOB Bank New Rules: साल 2026 की शुरुआत में भारत के प्रमुख सरकारी बैंकों ने अपने ग्राहकों के लिए कुछ महत्वपूर्ण नियमों में संशोधन किया है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा जैसे बड़े बैंकों के करोड़ों खाताधारकों को इन बदलावों की जानकारी होना बेहद जरूरी है। भारतीय रिजर्व बैंक की गाइडलाइन्स के अनुसार बैंकों ने ग्राहक सुरक्षा और डिजिटल बैंकिंग को मजबूत करने के उद्देश्य से ये कदम उठाए हैं। डिजिटल फ्रॉड और साइबर अपराधों में लगातार हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए बैंकिंग व्यवस्था में सुधार की जरूरत महसूस की गई थी। आज हम आपको इन नए बदलावों की विस्तृत जानकारी देंगे ताकि आपको अपने बैंक खाते का सही तरीके से संचालन करने में कोई परेशानी न हो।

बैंकों के नए नियमों में क्या बदलाव हुआ है

तीनों प्रमुख सरकारी बैंकों ने आरबीआई के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए अपनी सेवाओं में कई अहम बदलाव किए हैं। इन बदलावों में मुख्य रूप से खाते में रखी जाने वाली न्यूनतम राशि, केवाईसी अपडेशन की अनिवार्यता, एटीएम से पैसे निकालने पर लगने वाले शुल्क और निष्क्रिय खातों के प्रबंधन को लेकर नए दिशा-निर्देश शामिल हैं। बैंकों का मानना है कि डिजिटल बुनियादी ढांचे को और मजबूत बनाने के लिए सर्विस चार्ज और रखरखाव से जुड़े नियमों में सुधार करना आवश्यक था। इन परिवर्तनों का मुख्य उद्देश्य ग्राहकों को सुरक्षित और पारदर्शी बैंकिंग सेवाएं प्रदान करना है।

बैंकों के नए नियमों से जुड़ी मुख्य बातें

नए नियमों के अंतर्गत बचत खाताधारकों को अपने खाते में एक निर्धारित औसत मासिक शेष राशि बनाए रखनी होगी। शहरी क्षेत्रों में यह सीमा लगभग तीन हजार रुपये तय की गई है जबकि ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों के लिए यह एक से दो हजार रुपये के बीच रखी गई है। केवाईसी अपडेट को लेकर भी बैंकों ने सख्ती बरती है और अब हर दो से तीन साल में खाताधारकों को अपनी केवाईसी जानकारी अपडेट करानी होगी। एटीएम से पैसे निकालने की मुफ्त सीमा पूरी होने के बाद हर ट्रांजेक्शन पर बीस से पच्चीस रुपये तक का शुल्क लग सकता है। जिन खातों में पिछले दो वर्षों से कोई लेनदेन नहीं हुआ है उन्हें निष्क्रिय श्रेणी में रखा जाएगा और दोबारा सक्रिय करने के लिए केवाईसी प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

बैंकों के नए नियमों से आम जनता पर पड़ने वाला असर

इन नियमों का सीधा प्रभाव करोड़ों बैंक खाताधारकों की दैनिक बैंकिंग गतिविधियों पर पड़ेगा। जो ग्राहक अपने खाते में न्यूनतम शेष राशि नहीं रखते हैं उन्हें जुर्माना देना पड़ सकता है। हालांकि जन धन योजना और बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट खातों को इस नियम से बाहर रखा गया है। केवाईसी अपडेट न कराने पर खाता फ्रीज होने का खतरा रहेगा जिससे ग्राहक न तो पैसे निकाल पाएंगे और न ही जमा कर पाएंगे। डिजिटल लेनदेन की सीमा में बदलाव से यूपीआई और अन्य ऑनलाइन ट्रांजेक्शन पर भी असर पड़ेगा। लेकिन सकारात्मक पहलू यह है कि इन नियमों से धोखाधड़ी की घटनाओं में कमी आएगी और बैंकिंग सुरक्षा मजबूत होगी। वरिष्ठ नागरिकों और छात्रों के लिए विशेष छूट दी गई है जिससे उन पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा।

बैंकों के नए नियमों की खास बातें

इन नए नियमों की सबसे खास बात यह है कि बैंक अब वीडियो केवाईसी की सुविधा प्रदान कर रहे हैं जिससे ग्राहकों को बार-बार बैंक शाखा में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक का उपयोग करके बैंक अब संदिग्ध लेनदेन की निगरानी कर रहे हैं जिससे साइबर अपराधों पर तुरंत कार्रवाई हो सके। चेक बुक के इस्तेमाल पर सालाना मुफ्त पन्नों की सीमा तय की गई है और उसके बाद अतिरिक्त शुल्क देना होगा। पेंशनभोगियों के लिए विशेष सुविधाएं दी जा रही हैं ताकि उन्हें पेंशन प्राप्त करने में किसी तकनीकी दिक्कत का सामना न करना पड़े। छात्रों के जीरो बैलेंस खातों पर कोई रखरखाव शुल्क नहीं लगाया जाएगा बशर्ते उनके पास वैध छात्र पहचान पत्र हो।

बैंकों के नए नियमों का उद्देश्य और मकसद

इन नियमों को लागू करने का प्रमुख उद्देश्य भारतीय बैंकिंग प्रणाली में पारदर्शिता लाना और ग्राहकों को सुरक्षित सेवाएं प्रदान करना है। बढ़ते डिजिटल धोखाधड़ी के मामलों को रोकने और खाताधारकों की जानकारी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ये कदम उठाए गए हैं। बैंकों का लक्ष्य डिजिटल इंडिया अभियान को मजबूती प्रदान करना और नकदी रहित लेनदेन को बढ़ावा देना है। साथ ही निष्क्रिय खातों में पड़े धन की सुरक्षा और उसके सही उपयोग को सुनिश्चित करना भी इन नियमों का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य है। आरबीआई चाहता है कि बैंकिंग सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार हो और ग्राहकों को बेहतर अनुभव मिले।

ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर को हमेशा अपडेट रखें ताकि बैंक से मिलने वाले एसएमएस अलर्ट समय पर प्राप्त हो सकें। किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें जो बैंक खाते की जानकारी मांगता हो क्योंकि बैंक कभी भी फोन पर पिन या ओटीपी नहीं मांगते। समय-समय पर अपनी पासबुक अपडेट कराएं या ई-स्टेटमेंट चेक करते रहें। इन सावधानियों का पालन करके आप अपने बैंक खाते को सुरक्षित रख सकते हैं और नए नियमों के अनुसार बिना किसी परेशानी के बैंकिंग सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं।

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